छत्तीसगढ़ में ACB-EOW की बड़ी दबिश: शराब कारोबारी कई ठिकाने पर छापा, दस्तावेज़ खंगाल रही टीम
बलौदाबाजार, 19 जून 2026। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच के बीच भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बलौदाबाजार जिले में एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार को दोनों जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम ने शहर के पॉश इलाके कान्हा विहार में दबिश देकर एक बड़े शराब कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
शराब कारोबारी अहिंदर के निवास पर तड़के पहुंची टीम
मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियों के रडार पर आए शराब कारोबारी अहिंदर के कान्हा विहार स्थित निवास और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर सुबह ही संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर दी। टीम के पहुंचते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों ने घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले मोबाइल और अन्य संचार माध्यमों को अपने नियंत्रण में लिया और तलाशी शुरू की।

वित्तीय लेन-देन और बैंकिंग रिकॉर्ड्स के खंगालने में जुटी एजेंसियां
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम का मुख्य फोकस कारोबारी के वित्तीय साम्राज्य पर है। इस रेड के दौरान पिछले कुछ वर्षों में किए गए बड़े ट्रांजेक्शन और उनके स्रोतों की पड़ताल, कारोबारी और उनके करीबियों के बैंक खातों, लॉकरों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की जानकारी, बेनामी संपत्तियों, जमीनों और अचल संपत्तियों से जुड़े कागजात, टीम इस बात के पुख्ता सबूत जुटा रही है कि क्या इस कारोबारी के तार राज्य के मुख्य शराब घोटाले के सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं या नहीं की जाँच की जा रही है, बताया जा रहा है कि शुरुआती जांच में अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, डायरियां और वित्तीय दस्तावेज़ अपने कब्जे में ले लिए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही कारोबारी से बंद कमरे में विस्तृत पूछताछ भी जारी है।
बलौदाबाजार में पहले भी आ चुके हैं आबकारी से जुड़े मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है जब बलौदाबाजार जिला आबकारी से जुड़े मामलों को लेकर सुर्खियों में आया हो। इससे पहले भी जिले के कई आबकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और उनसे जुड़े बिचौलियों के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के मामले दर्ज हो चुके हैं। जानकारों का मानना है कि ACB और EOW की यह संयुक्त कार्रवाई इस पूरे नेक्सस (नेटवर्क) को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। इस छापेमारी से कई नए रसूखदारों के नाम भी सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल, इस पूरी कार्रवाई को लेकर ACB या EOW के किसी भी उच्च अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर मीडिया के सामने कोई बयान जारी नहीं किया है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि दस्तावेज़ों की प्राथमिक जांच और ज़ब्त किए गए रिकॉर्ड्स के मिलान के बाद ही जांच एजेंसियां प्रेस नोट या आधिकारिक बयान के ज़रिए इस पूरे मामले का बड़ा खुलासा कर सकती हैं।











